दिनांक १ सितंबर २०११ को श्रीजी ने प्रभु मंदिर में विधिवत् श्री गणेशप्रतिमा की स्थापना कर ग्यारह दिन चलनेवाले गणेश उत्सव का शुभारंभ किया| नित्य गणेशजी की महापूजा तथा सायंकालीन सत्र में प्रदोषपूजा का आयोजन पूर्वपरंपरानुरूप किया गया| दिनांक ११ सितंबर को श्री संस्थान के वैभव के अनुरूप शोभायात्रा के साथ गणपति विसर्जन का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ|
दिनांक २४ सितंबर को श्रीजी ने प. पू. श्री सिद्धराज माणिकप्रभु महाराज का महालय श्राद्ध विधिवत् संपन्न किया|
दिनांक १ अक्तूबर को श्रीजी ने गणपति पूजन, पुण्याहवाचन, मातृकापूजन, नांदी श्राद्ध आदि विधिपूर्वक श्री मधुमतीश्यामलांबा पंचरात्र महोत्सव का श्रीगणेश किया| पंचमी से नवमी तक नित्य श्री देवी व्यंकम्मा के मंदिर में श्रीसूक्त अभिषेक, सहस्रकुंकुमार्चन, महापूजा, प्रदोषपूजा, कुमारीपूजा इत्यादि कार्यक्रम अत्यंत भक्तिभावपूर्वक संपन्न हुए| इस पंचरात्र महोत्सव के अवसर पर पॉंच दिनों तक अखंड दीपप्रज्ज्वालन, सप्तशती पाठ तथा देवी भागवत पारायण आदि कार्यक्रम अत्यंत निष्ठापूर्वक संपन्न हुए| दिनांक ४ अक्तूबर को महाऽष्टमी तथा ५ अक्तूबर को महानवमी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई| महानवमी के दिन श्रीजी ने नवचंडी होम संपन्न कर बलिदान किया|
दिनांक ६ अक्तूबर को विजयदशमी के अवसर पर श्री संस्थान के सभी विभागों में आयुधपूजा संपन्न हुई| श्री प्रभुसमाधि की विशेष महापूजा संपन्न होकर रात्रि प्रभुमंदिर में शमीपूजन का आयोजन किया गया| शमीपूजन के उपरांत श्रीजी ने विधिपूर्वक सीमोल्लंघन कर कालाग्निरुद्र हनुमान तथा देवी व्यंकम्मा के दर्शन किए| इस अवसर पर श्रीजी ने ब्राह्मणों एवं वेदपाठशाला के विद्यार्थियों को नूतन वस्त्र प्रदान किए|
दिनांक ११ अक्तूबर को कोजागरी पौर्णिमा के अवसर पर प्रभुमंदिर में विशेष प्रदोषपूजा का आयोजन किया गया| इस अवसर पर उपस्थित भक्तजनों को दुग्धपान कराया गया|
दिनांक १५ अक्तूबर को प. पू. श्री सिद्धराज माणिकप्रभु महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रीजी ने श्रीसमाधि की महापूजा संपन्न की| दोपहर में प्रभुमंदिर के कैलास मंटप में श्रीजी ने ब्रह्मलीन महाराजश्री का सांवत्सरिक श्राद्ध संपन्न किया| इस अवसर पर मुंबई, दिल्ली, चन्नई, बेंगळूरु, हैदराबाद, आँध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के सहस्रावधि भक्तजन माणिकनगर में उपस्थित थे| रात्रि भंडारखाने में बहुत बड़े पैमाने पर अन्नदान का आयोजन किया गया|
दिनांक १६ अक्तूबर को प. पू. श्री सिद्धराज माणिकप्रभु महाराज की आराधना के अवसर पर श्रीजी ने श्रीसमाधि की महापूजा संपन्न की| दोपहर आराधना का कार्यक्रम संपन्न हुआ| रात्रि भंडारखाने में अन्नदान का आयोजन किया याग|
दिनांक १५ से १९ अक्तूबर तक श्री सिद्धराज माणिकप्रभु तथा श्री मनोहर माणिकप्रभु की आराधना के अवसर पर श्री संस्थान के सचिव श्री आनंदराज के नेतृत्व में नित्य सांप्रदायिक भजन का भी आयोजन किया गया| दिनांक १९ अक्तूबर को श्री मनोहर माणिकप्रभु महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रीसमाधि की महापूजा संपन्न हुई| दोपहर में श्रीजी ने श्री मनोहर माणिकप्रभु महाराज की आराधना संपन्न की| इस अवसर पर भंडारखाने में महाप्रसाद का आयोजन किया गया| रात्रि प्रभुमंदिर में एक छोटे से दरबार का आयोजन किया गया| इस दरबार में श्री माणिकप्रभु संगीत विद्यालय के छात्रों ने संगीत सेवा प्रस्तुत की| तदुपरांत अंबेजोगाई से पधारे ह.भ.प. प्रसाद कुलकर्णी ने अपनी कीर्तन सेवा प्रभुचरणों में समर्पित की| श्रोताओं ने इस कीर्तन की भूरि-भूरि प्रशंसा की| रात्रि लगभग १ बजे यह दरबार समाप्त हुआ|
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